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30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर खोले जाएंगे यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट

देहरादून।  उत्तराखंड हिमालय की चारधाम यात्रा शुरू होने में अब महज 9 दिन शेष रह गए हैं। यात्रा के लिए चारों धाम सजने-संवरने लगे हैं और प्रशासन समेत तमाम विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। अक्षय तृतीया पर्व पर 30 अप्रैल को यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा शुरू हो जाएगी।

दो मई को केदारनाथ धाम और चार मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाने हैं। इसके साथ ही यात्रा अपने पूर्ण स्वरूप में आ जाएगी। यात्रा के लिए अब तक 18 लाख 69 हजार 203 आनलाइन पंजीकरण हो चुके हैं, जबकि आफलाइन पंजीकरण यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से दो दिन पूर्व यानी 28 अप्रैल से शुरू होंगे।

अब तक पंजीकरण की जो तस्वीर सामने आई है, उससे उम्मीद है कि इस बार की यात्रा नए प्रतिमान गढ़ेगी। वहीं, केदारनाथ धाम के लिए बीते आठ अप्रैल से हेली बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा बीते 10 अप्रैल से बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में पूजा और ऑनलाइन पूजा के लिए बुकिंग चल रही है।कपाट खुलने की तिथि

  •  यमुनोत्री: 30 अप्रैल, दोपहर 11:55 बजे l
  •  गंगोत्री : 30 अप्रैल, सुबह 10:30 बजे l
  • केदारनाथ : दो मई, सुबह 7:00 बजे l
  •  बदरीनाथ : चार मई, सुबह 6:00 बजे

चारधाम यात्रा ऑनलाइन पंजीकरण वेबसाइट: registrationand touristcare.uk.gov.in मोबाइल एप touristcareuttarakhand टोल फ्री नंबर 0135-1364, 3520100

28 अप्रैल से होंगे ऑफलाइन पंजीकरण

चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश, हरिद्वार व विकासनगर में 28 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण शुरू होंगे। चारधाम यात्रा के नोडल अधिकारी योगेंद्र गंगवार ने बताया कि यमुनोत्री के लिए बड़कोट, गंगोत्री के लिए हीना, केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग और बदरीनाथ के लिए पांडुकेश्वर में पंजीकरण की चेकिंग की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर यहां आफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी होगी।

चारधाम यात्रा मार्गों की स्थिति जानेगा लोक निर्माण विभाग

चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सड़कों को दुरुस्त करने की कवायद पिछले एक माह से चल रही है। हाल ही में परिवहन विभाग ने चारधाम यात्रा मार्ग पर 750 से अधिक संवेदनशील स्थलों की सूची जारी करते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व सीमा सड़क संगठन को पत्र भेजे हैं। इस कड़ी में कई स्थानों पर सड़कों को ठीक करने का कार्य शुरू हो गया है। अब इन सड़कों का निरीक्षण किया जाएगा, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले सभी मार्गों को पूरी तरह दुरुस्त किया जा सके। प्रदेश में 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। चारधाम यात्रा को सुरक्षित व निरापद बनाने के लिए यात्रा से संबंधित सभी विभाग तैयारियों में जुटे हुए हैं।

सड़कों को ठीक करने का काम तेज

यात्रा के दौरान सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत सड़कों को न केवल ठीक किया जा रहा है, बल्कि इनमें पैराफिट, यातायात संकेतक और रिफलेक्टर आदि लगाने का कार्य भी किया जा रहा है। यद्यपि, अभी भी यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। अब यात्रा को मात्र 9 दिनों का समय शेष है। हाल ही में परिवहन विभाग ने चारधाम मार्गों का सर्वे कर एक रिपोर्ट संबंधित विभागों को सौंपी थी।

गड्ढे नहीं मिलेंगे सड़कों पर

इसमें विभाग ने मार्गों पर रंबल स्ट्रिप लगाने, सूचना पट लगाने, मार्ग में गड्ढों को दुरुस्त करने, क्रैश बैरियर की आवश्यकता, मार्ग पर पड़ा मलबा हटाने और रिफलेक्टर ठीक करने के सुझाव दिए थे। इसे देखते हुए सचिव लोक निर्माण विभाग स्वयं चारधाम मार्गों की सड़कों का निरीक्षण करने जा रहे हैं। सचिव लोक निर्माण विभाग डा पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि मार्गों को दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है।

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