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श्वेता सिंह ने ट्विटर पर भाई के लिए एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग दोहराई

सुशांत सिंह राजपूत केस में सुप्रीम कोर्ट में आज रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुनवाई चल रही है। बिहार पुलिस और रिया ने अपने-अपने लिखित जवाब दाखिल कर दिये हैं। इससे पहले सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने ट्विटर पर भाई के लिए एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग दोहराई।

श्वेता ने एक फोटो पोस्ट की है, जिसमें वो एक तख्ती लिये बैठी हैं, जिस पर लिखा है- मैं सुशांत सिंह राजपूत की बहन हूं और मैं सीबीआई इंक्वायरी की मांग करती हूं। इसक फोटो के साथ श्वेता ने लिखा- यही समय है जब हम सच का पता लगाएं और न्याय मिले। कृपया हमारे परिवार की मदद करें ताकि पूरी दुनिया को सच का पता चले और केस बंद हो, अन्यथा हम जीवन में कभी शांति से नहीं रह सकेंगे। सुशांत के लिए सीबीआई, अपनी आवाज़ उठाइए और मांग कीजिए।

सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल

सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालकर शीर्ष न्यायालय से अनुरोध किया है कि बिहार में उनके ख़िलाफ़ दर्ज़ FIR को मुंबई स्थानांतरित कर दिया जाए। साथ ही सीबीआई जांच का अधिकार क्षेत्र भी मुंबई करने की गुज़ारिश की है। इस मामले में गुरुवार को सुनवाई की जा रही है। रिया और बिहार पुलिस ने उच्चतम न्यायालय को अपने-अपने लिखित जवाब दे दिये हैं।

पटना में जांच हो सकती है प्रभावित- रिया

सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के ख़िलाफ़ पटना में पुलिस रिपोर्ट दर्ज़ करवाई थी, जिसमें उन पर एक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। रिया चक्रवर्ती ने पुलिस एफआईआर को मुंबई शिफ्ट करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

इसकी सुनवाई के लिए 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस ऋषिकेश रॉय की बेंच के समक्ष सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान रिया की ओर से पेश हुए थे। श्याम दीवान ने बेंच से कहा था कि पटना में शासन की दखलंदाज़ी और प्रभाव की पूरी सम्भावना है, जिससे पक्षपात हो सकता है। उन्होंने केस की टाइमलाइन का हवाला देते हुए कहा कि पटना में पुलिस रिपोर्ट दर्ज़ करवाने में 38 दिनों की ख़ासी देरी हुई है। इस रिपोर्ट में जितनी बातें कही गयी हैं, उनका ताल्लुक मुंबई से है। मुंबई पुलिस ने 56 लोगों के स्टेटमेंट लिये हैं और जांच सही दिशा में आगे बढ़ी है। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से इस संबंध में 13 अगस्त तक लिखित नोट देने के निर्देश दिये थे।

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