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अमृत स्नान पर टूटे कई रिकॉर्ड, 3.5 करोड़ से ज्‍यादा लोगों ने लगाई डुबकी

नई द‍िल्ली। प्रयागराज में पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) से शुरू हुए 45 दिवसीय महाकुंभ  के तीसरे दिन भी त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का आना जारी है। पहले 2 दिनों में 5 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। कल मकर संक्रांति के अवसर पर पहले अमृत स्नान पर 3.5 करोड़ से ज्‍यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। 

महाकुंभ का प्रथम अमृत स्नान पर्व मकर संक्रांति के बाद अब मेला प्रशासन प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में जुटेगा। इसको लेकर बुधवार को उच्चाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक भी होगी। कैबिनेट बैठक 21 जनवरी को प्रस्तावित है, जिसमें दारागंज से हेतापट्टी तक तथा करेली से घूरपुर के पास तक गंगा पर पुल निर्माण तथा संगम पर रोपवे की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरी कैबिनेट पवित्र त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी भी लगाएगी। 

इसके साथ ही अब महाकुंभ के मुख्य अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या के आयोजन को लेकर भी तैयारी तेज होगी। यह स्नान पर्व 29 जनवरी को है। इस स्नान पर्व पर सबसे ज्यादा सात से आठ करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया गया है। इसके लिए 27 जनवरी से ही वाहनों को मेला क्षेत्र में प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसी तारीख से रूट डायवर्जन भी लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए जिला व मेला पुलिस-प्रशासन की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अगले हफ्ते में होगी।

 

चार डिग्री गिरा पारा, तीन दिन तक छाया रहेगा घना कोहरा

मकर संक्रांति पर पुण्य की डुबकी लगाने आए श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार का दिन राहत भरा रहा, क्योंकि तापमान में गिरावट के बावजूद गलन महसूस नहीं हुई। बादल छाया रहा और महाकुंभ क्षेत्र में हल्की गर्माहट बनी रही। अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग चार डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार को कोहरा और बादलों के बावजूद ठंड का प्रभाव ज्यादा नहीं बढ़ा।

मौसम विभाग ने बुधवार को घना कोहरा और गुरुवार को हल्की बारिश का पूर्वानुमान लगाया है, जिससे ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। महाकुंभ में उमड़े श्रद्धालु बदलते मौसम के बावजूद उत्साह से भरे हुए हैं। भक्ति और आस्था का यह माहौल मौसम की कठिनाइयों को भी फीका कर देता है। 

मौसम विभाग के अनुसार 16 जनवरी से ठंडी हवाओं का असर बढ़ेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। ऐसे में महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय एवं समुद्र अध्ययन केंद्र के प्रमुख प्रो. सुनीत द्विवेदी ने बताया कि तापमान में अभी गिरावट का क्रम जारी रहेगा। 18 जनवरी तक घना कोहरा की संभावना है। इसके बाद कुछ राहत मिलेगी।

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