National

दिग्विजय सिंह बोले- राष्ट्रपति से कोई उम्मीद नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दबाव डेल नितीश

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के साथ विपक्षी नेताओं की बैठक से पहले ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति से ‘कोई उम्मीद नहीं है’। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी नेताओं को एनडीए के उन सभी सहयोगियों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए जिन्होंने अतीत में किसानों का समर्थन किया है।

एक उदाहरण का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव बना सकते हैं। इसी के साथ ही बिहार चुनाव परिणाम के ठीक बाद, जिसमें कांग्रेस ने खराब प्रदर्शन दिखाया, सिंह ने अपनी ‘राष्ट्रीय आकांक्षाओं’ को पूरा करने के लिए महागठबंधन में फिर से शामिल होने के लिए नीतीश को आमंत्रित किया।

सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि प्रमुख नेताओं का एक दल बुधवार शाम 5 बजे राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात करेगा, जिसमें संसद द्वारा मंजूरी दिए गए तीन कृषि कानूनों पर अपना विरोध व्यक्त किया जाएगा। कहा गया कि 11 दलों के प्रतिनिधि राष्ट्रपति से मिलना चाहते थे, लेकिन राष्ट्रपति भवन में बैठक के लिए केवल 5 नेताओं को ही मिलने दिया जाएगा। COVID-19 प्रोटोकॉल के कारण अनुमति नहीं दी गई।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राकांपा सुप्रीमो शरद पवार, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, द्रमुक के टीआर बालू और भाकपा के प्रतिनिधि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने की उम्मीद है।

बता दें कि नए कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध बढ़ गया है और इसके चलते बुधवार को किसान नेताओं और सरकार के बीच होने वाली छठे दौर की वार्ता टल गई है। भारत बंद के आयोजन के बाद और वार्ता से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गतिरोध तोड़ने के लिए मंगलवार शाम 13 किसान नेताओं के साथ बैठक की। इसमें किसान संगठन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर अड़े रहे, लेकिन सरकार का कहना है कि कानूनों को रद करना संभव नहीं है, इनमें संशोधन किए जा सकते हैं। सरकार ये संशोधन प्रस्ताव बुधवार को सौंपेगी और इन पर चर्चा के बाद किसान संगठन अपने आगे के कदम पर फैसला करेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button