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पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने दी श्रद्धांजलि, कहा भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत ने देश को नई दिशा दिखाई

देहरादून : पंडित गोविंद बल्लभ पंत महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाजसेवी एवं कुशल प्रशासक थे। उन्होंने देश को नई दिशा देने के साथ ही कुली बेगार प्रथा और जमींदारी उन्मूलन के लिए निर्णायक संघर्ष किया। उन्होंने देश सेवा के लिए जो कार्य किए वे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देते रहेंगे।

पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम

उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया। हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिलाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पंडित जीबी पंत पहाड़ के भी सच्चे हितैषी थे। यह बातें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।

शनिवार को सर्वे चौक स्थित आइआरडीटी सभागार में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत (Pandit Govind Ballabh Pant) के 135वें जन्मदिवस पर समारोह का आयोजन किया गया। पंडित गोविंद बल्लभ पंत जयंती समारोह समिति और हिमालयन अभ्युदय सामाजिक संस्थान की ओर से किए गए आयोजन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने प्रतिभाग किया।

गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर अर्पित की पुष्पांजली

उन्होंने कार्यक्रम अध्यक्ष राजपुर रोड विधायक खजानदास, विशिष्ट अतिथि पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत, कार्यक्रम संयोजक राकेश डोभाल, सह संयोजक प्रदीप कुमार के साथ संयुक्त रूप से पंडित गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने अल्मोड़ा से निकलकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर तक का ऐतिहासिक सफर संघर्ष, समर्पण, श्रद्धा व राष्ट्र के प्रति समर्पण को दिखाता है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से सीखना होगा कि विषम परिस्थितियों में कैसे जिया जाता है।

पंडित जीबी पंत त्याग के थे प्रतिमूर्ति

डा. रमेश पोखरियाल निशंक ( Dr Ramesh Pokhriyal Nishank) ने कहा कि पंडित जीबी पंत (Pandit Govind Ballabh Pant) त्याग के प्रतिमूर्ति थे। वे हिमालय पुत्र के समान शांत, अडिग, स्थिर एवं आध्यात्मिक राष्ट्र नायक थे। उन्होंने छात्रों से कहा कि आज संकल्प लेकर राष्ट्र के लिए जीने एवं राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तैयार रहना होगा।

  • विशिष्ट अतिथि पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने आजादी के आंदोलन के काल खंड के समय उत्तराखंड के क्रांतिकारियों के बारे में प्रकाश डाला।
  • उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत हिमालय प्रेमी एवं पहाड़ प्रेमी थे।

कार्यक्रम के दौरान यूथ रेड क्रास कमेटी के चेयरमेन अनिल वर्मा को 140वां रक्तदान करने पर पुरस्कृत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में निमाण योगशाला की योग टीम, सनराइज एकेडमी, प्रतिभा डांस ऐकेडमी, बलूनी पब्लिक स्कूल की ओर से शानदार प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को पुरस्कृत भी किया।

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