सरस्वती कला मंच की रामलीला में कुंभकरण और मेघनाद का वध, युद्ध के रोमांचक दृश्यों ने बांधा समां

विकासनगर। हाईवे ग्राउंड में सरस्वती कला मंच रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में कुंभकरण वध और मेघनाद वध की लीलाओं का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने सजीव अभिनय और युद्ध के रोमांचक दृश्यों के माध्यम से दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों से रूबरू कराया।

लीला का शुभारंभ रावण के दरबार के दृश्य से हुआ। एक संदेशवाहक ने रावण को सूचना दी कि लक्ष्मण की मूर्छा दूर हो गई है। यह सुनकर मेघनाद ने युद्ध में जाने की इच्छा जताई, लेकिन रावण ने उसे रोक दिया और स्वयं कोई दूसरा उपाय सोचने की बात कही।

इसके बाद रावण अपने भाई कुंभकरण को जगाने उसके महल पहुंचा। कुंभकरण गहरी नींद में सो रहा था। उसे जगाने के लिए ढोल-नगाड़े बजाए गए। नींद टूटने पर कुंभकरण क्रोधित हो उठा और उसने पूछा कि उसकी नींद किसने खराब की है। रावण ने उसे अपनी विपत्ति बताते हुए सीता हरण से लेकर खर-दूषण के वध तक की घटनाओं का वर्णन किया।
कुंभकरण ने रावण को उसके कृत्य के लिए फटकार लगाते हुए कहा कि सीता का हरण करना उचित नहीं था। इसके बावजूद रावण ने उसे युद्ध में जाने के लिए तैयार किया और भोजन की व्यवस्था करवाई।
युद्धभूमि में कुंभकरण और भगवान श्रीराम के बीच भीषण संग्राम हुआ। अंततः श्रीराम के हाथों कुंभकरण मारा गया। उसकी मृत्यु का समाचार मिलने पर रावण ने मेघनाद को युद्ध के लिए भेजा।
इसके बाद राम और लक्ष्मण के बीच संवाद हुआ। श्रीराम ने लक्ष्मण को इस बार युद्ध से दूर रहने की सलाह दी, लेकिन लक्ष्मण ने मेघनाद को जीवित न छोड़ने का संकल्प जताया। श्रीराम की आज्ञा मिलने के बाद लक्ष्मण युद्धभूमि में पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच घमासान युद्ध हुआ और अंततः लक्ष्मण ने मेघनाद का वध कर दिया। इसी के साथ दिन की लीला का विश्राम हुआ।
कलाकारों ने निभाए प्रमुख पात्र
रामलीला में राम की भूमिका विकास शर्मा, लक्ष्मण की सियाराम पटेल, हनुमान की राहुल मित्तल, अंगद की सतपाल राठौर, रावण की नवनीत वर्मा, मेघनाद की टहल सिंह, कुंभकरण की संजय वर्मा तथा विभीषण की पूर्ण चंदोला ने निभाई। मंत्री की भूमिका पीके दुबे ने निभाई। संजय धीमान और नैतिक धीमान सहित अन्य कलाकारों ने भी विभिन्न पात्रों के माध्यम से मंचन को प्रभावशाली बनाया।
अतिथियों ने किया लीला का उद्घाटन
कार्यक्रम में किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह और अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेश पासी ने लीला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर नवनीत वर्मा, प्रदीप ठाकुर, रविंद्र सैनी, शाश्वत कपिल, अमरीश ठाकुर, संजीव भारद्वाज, राकेश गुलरिया, अनिल गोयल, राजकुमार, गोपाल गुप्ता, आंचल गुप्ता, चंद्रकला, आस्था गुप्ता, कनिष्क, राजीव और मनोज सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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