Uttarakhand

बच्छणस्यूं नव निर्माण संस्था मुंबई ने ‘तेरी माया’ के प्रचार-प्रसार को दिया सहयोग का भरोसा

-सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के साथ मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने में संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका


मुंबई: उत्तराखण्ड के जनपद रुद्रप्रयाग की पट्टी बच्छणस्यूं अपनी समृद्ध लोकसंस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, सामाजिक एकजुटता और आपसी भाईचारे के लिए अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। मुंबई जैसे महानगर में रहकर भी अपनी मातृभूमि की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को जीवंत बनाए रखने में बच्छणस्यूं नव निर्माण संस्था, मुंबई तथा संस्था के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों के अथक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
संस्था द्वारा समय-समय पर सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन, सामाजिक गतिविधियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करने जैसे अनेक सराहनीय कार्य किए जाते हैं। इन प्रयासों के माध्यम से संस्था न केवल समाज को एकजुट रखने का कार्य कर रही है, बल्कि मुंबई में रहने वाली नई पीढ़ी को अपनी मातृभूमि की संस्कृति, भाषा, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
इसी क्रम में 15 अगस्त 2026 को मुंबई के वडाला स्थित शक्कर पंचायत भवन, 18/1 रूफी अहमद किदवई रोड, वडाला (प.), मुंबई–400031 में आयोजित बच्छणस्यूं नव निर्माण संस्था, मुंबई की वार्षिक आमसभा में सम्मिलित होने का हमें भी सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर वीरेन्द्र सिंह भण्डारी तथा उत्तराखण्डी फिल्म ‘तेरी माया’ के लेखक-निर्देशक संजय सिंह नेगी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीय मुलाकात और संवाद हुआ।
इस अवसर पर संजय सिंह नेगी द्वारा लिखित एवं निर्देशित उत्तराखण्डी फिल्म ‘तेरी माया’ के मुंबई महानगर में प्रचार-प्रसार एवं प्रदर्शन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। संस्था के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने फिल्म के प्रति अपना सकारात्मक सहयोग और समर्थन व्यक्त करते हुए इसे मुंबई में अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का विश्वास दिलाया।
‘तेरी माया’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की माटी, पहाड़ के जनजीवन, रिश्तों की आत्मीयता, लोकसंस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का एक सार्थक प्रयास है। फिल्म के माध्यम से उत्तराखण्ड की मिट्टी से जुड़ी भावनाओं और पहाड़ के जीवन की झलक महानगरों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखण्डियों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है।
मुंबई जैसे महानगर में अपनी माटी और संस्कृति से जुड़ी कोई रचना सामने आती है तो वह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहती, बल्कि प्रवासी समाज के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का एक भावनात्मक सेतु बन जाती है। इसी भावना के साथ ‘तेरी माया’ को मुंबई के उत्तराखण्डी समाज तक पहुँचाने का यह प्रयास किया जा रहा है।
वीरेन्द्र सिंह भण्डारी ने कहा कि बच्छणस्यूं नव निर्माण संस्था के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने जिस आत्मीयता, सम्मान और उत्साह के साथ ‘तेरी माया’ के प्रचार-प्रसार को अपना समर्थन दिया, वह हमारे लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा। संस्था की ओर से मुंबई महानगर में फिल्म को अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुँचाने तथा इसे सफल बनाने में सहयोग का जो विश्वास दिया गया है, उसके लिए हम हृदय से आभारी हैं। यह सहयोग केवल एक फिल्म को सफल बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि अपनी माटी, अपनी बोली-भाषा, अपनी लोकसंस्कृति और अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति सामूहिक प्रेम एवं जिम्मेदारी का प्रतीक है।
इसी कड़ी में नवी मुंबई के उत्तराखण्डी समाज और सिनेमा प्रेमियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। उत्तराखण्डी फिल्म ‘तेरी माया’ का विशेष प्रदर्शन रविवार, 23 अगस्त 2026 को दोपहर 3:00 बजे से बालाजी सिनेमा, कोपरखैरने, नवी मुंबई में होने जा रहा है। मुंबई एवं नवी मुंबई में रहने वाले समस्त उत्तराखण्डी भाई-बहनों, मातृशक्ति, युवाओं तथा संस्कृति प्रेमी दर्शकों से विनम्र आग्रह है कि परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर ‘तेरी माया’ को अपना स्नेह और समर्थन प्रदान करें।
‘तेरी माया’ के विशेष प्रदर्शन की जानकारी
दिन: रविवार, 23 अगस्त 2026
समय: दोपहर 3:00 बजे से
स्थान: बालाजी सिनेमा, कोपरखैरने, नवी मुंबई
फिल्म: तेरी माया — उत्तराखण्डी फिल्म
आज आवश्यकता है कि महानगरों में रहने वाला उत्तराखण्डी समाज अपनी संस्कृति को केवल स्मृतियों तक सीमित न रखे, बल्कि उसे नई पीढ़ी तक सक्रिय रूप से पहुँचाए। क्षेत्रीय सिनेमा इस दिशा में एक सशक्त माध्यम बन सकता है। जब हम अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ी फिल्म को परिवार सहित सिनेमाघर में जाकर देखते हैं, तो हम केवल कलाकारों और रचनाकारों का उत्साहवर्धन नहीं करते, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान का भी सम्मान करते हैं।
इसलिए आइए, 23 अगस्त को दोपहर 3 बजे बालाजी सिनेमा, कोपरखैरने, नवी मुंबई पहुँचकर ‘तेरी माया’ को अपना प्यार दें। आपका एक टिकट केवल एक फिल्म का समर्थन नहीं, बल्कि उत्तराखण्डी भाषा, संस्कृति और सिनेमा के भविष्य का समर्थन भी है। हमें पूर्ण विश्वास है कि बच्छणस्यूं नव निर्माण संस्था, मुंबई के वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन, कार्यकर्ताओं की ऊर्जा तथा बच्छणस्यूं के प्रवासी भाई-बहनों की एकजुटता से ‘तेरी माया’ को मुंबई महानगर में दर्शकों का भरपूर प्यार मिलेगा और इसे सफल बनाने का हमारा संकल्प अवश्य साकार होगा।
वीरेन्द्र सिंह भण्डारी ने कहा कि  बच्छणस्यूं नव निर्माण संस्था, मुंबई के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों तथा समर्पित एवं ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के प्रति हृदय की गहराइयों से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूँ। समाज को संगठित रखने, सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे अथक प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय हैं।
विशेष रूप से ‘तेरी माया’ के प्रचार-प्रसार के लिए दिए गए सहयोग, स्नेह और विश्वास ने हमें नई ऊर्जा प्रदान की है। हमें विश्वास है कि यह सामूहिक प्रयास मुंबई महानगर में उत्तराखण्डी सिनेमा के लिए एक नई राह प्रशस्त करेगा।
आइए—अपनी माटी की कहानी को अपना प्यार दें।
अपनी भाषा और संस्कृति को सम्मान दें।
उत्तराखण्डी सिनेमा को अपना समर्थन दें।**
परिवार सहित ‘तेरी माया’ देखें और इस फिल्म को सफल बनाकर अपनी सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करें।

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