Uttarakhand

प्रदेशभर में भाजपा चलाएगी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान: CM धामी

देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की जानकारी देते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है, लेकिन कांग्रेस चुनावी पराजय स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रही है।
पार्टी कार्यालय मे पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह नयी यात्रा नही, बल्कि पहले भी थूकने वाली यात्रा निकल चुकी है। जनता ने कांग्रेस का क्या हस्र किया यह छिपा नही है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रदेशभर में दो चरणों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाया जाएगा। इसका प्रथम चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तथा द्वितीय चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक संचालित होगा। अभियान के माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों में पदयात्राओं और जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन कर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर विकास, सुशासन और राजनीतिक स्थिरता के नए युग की शुरुआत की। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते वर्षों में भारत ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है और गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों, वंचित वर्गों तथा सैनिकों के हित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इन उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय भ्रामक प्रचार और नकारात्मक राजनीति के माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सरकार की आलोचना करना उसका अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर लोकतंत्र की विजय का दावा करना और हारने पर चुनाव आयोग तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि केवल संविधान की प्रति हाथ में लेकर घूमने से कोई संविधान का रक्षक नहीं बन जाता। संविधान के प्रति वास्तविक सम्मान उसके मूल्यों, मर्यादाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं का अपने आचरण में पालन करने से प्रकट होता है। मुख्यमंत्री ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि प्रथम चरण में 31 अक्टूबर को श्रीनगर गढ़वाल में पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 2 नवंबर को देहरादून में विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें दस हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की अपेक्षा है। 3 नवंबर को रुद्रपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर में भी पदयात्रा आयोजित होगी। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी 13 जनपदों में जनता के बीच पहुंचकर लोकतांत्रिक मूल्यों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर संवाद स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दशकों से कई राज्यों में सत्ता से बाहर कांग्रेस, अपनी विफलताओं का दोष दूसरों पर मढ़ना बंद करे I मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की लगातार चुनावी पराजयों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनेक राज्यों में कांग्रेस दशकों से सत्ता से बाहर है। उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, त्रिपुरा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लंबे समय से सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है, तो क्या इसके लिए भी वर्तमान चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया जाएगा?उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने वर्ष 2025 में पदभार ग्रहण किया, जबकि कांग्रेस की चुनावी विफलताओं का सिलसिला इससे बहुत पहले से जारी है। कांग्रेस को अपनी पराजयों के वास्तविक कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। जनता का विश्वास जीतने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की युवा शक्ति भारत का भविष्य है। युवाओं की ऊर्जा शिक्षा, रोजगार, नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए, लेकिन कुछ राजनीतिक शक्तियां अपने स्वार्थ के लिए युवाओं को भड़काकर टकराव और अराजकता की ओर धकेलने का प्रयास कर रही हैं।
दिल्ली की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि युवाओं और बच्चों को आगे रखकर राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति करने का प्रयास अत्यंत चिंताजनक है। कुछ लोगों द्वारा देश में बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां पैदा करने और व्यवस्था को अस्थिर करने संबंधी बयान दिए जाना भी गंभीर विषय है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे लोग भारत में भी दूसरे देशों जैसी राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक परिस्थितियां पैदा करना चाहते हैं? भारत का लोकतंत्र अत्यंत मजबूत है और यहां परिवर्तन का मार्ग हिंसा या अराजकता नहीं, बल्कि संविधान और जनता का जनादेश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उत्तराखंड के युवा भी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के माध्यम से प्रदेश एवं देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को सबसे पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि अपने लंबे शासनकाल में उसने प्रदेश की जनता को न्याय दिलाने के लिए क्या कार्य किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की न्याय यात्रा के पीछे न तो कोई स्पष्ट अवधारणा दिखाई देती है और न ही जनहित से जुड़े मुद्दों पर कोई ठोस रोडमैप। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वास्तविक मुद्दों पर जवाब देने के बजाय अपुष्ट आरोपों और भ्रामक विमर्श के सहारे राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता का विश्वास है। संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान, जनादेश की स्वीकार्यता, सामाजिक समरसता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और प्रदेश की जनता इस विकास यात्रा को और मजबूती प्रदान करेगी।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शमहेंद्र भट्ट, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल,  दीप्ति रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट, प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी,  कमलेश रमन मौजूद रहे ।

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