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अमेरिका-ईरान युद्धविराम से सेंसेक्स में भारी उछाल

पिछले कई दिनों से युद्ध की आशंकाओं से डरे हुए भारतीय शेयर बाज़ार ने बुधवार को एक ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच 14 दिनों के युद्धविराम की घोषणा के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त “राहत खरीदारी” देखी गई। सेंसेक्स ने एक ही दिन में 2,900 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर निवेशकों की झोली में करीब ₹12 लाख करोड़ डाल दिए।

सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़े

बाज़ार खुलते ही निवेशकों ने चौतरफा खरीदारी शुरू कर दी।

  • BSE सेंसेक्स: 2,775.73 अंक (3.71%) बढ़कर 77,392.31 पर पहुंच गया।

  • NSE निफ्टी: 815.2 अंक (3.52%) की बढ़त के साथ 24,000 के स्तर के करीब (23,938.85) बंद हुआ।

सबसे ज्यादा लाभ वाले शेयर:

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) के शेयरों में 10% का ऊपरी सर्किट लग गया। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो (L&T), बजाज फाइनेंस और अडानी पोर्ट्स में भी भारी तेजी रही। वहीं, टेक महिंद्रा एकमात्र ऐसा शेयर रहा जो गिरावट के साथ बंद हुआ।

कच्चे तेल की कीमतों में ‘फ्री फॉल’

जैसे ही यह खबर आई कि ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर सहमत हो गया है, वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 13.24% की बड़ी गिरावट आई। तेल की कीमतें $117 से गिरकर $94.80 प्रति बैरल पर आ गईं। भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, यह खबर मुद्रास्फीति (महंगाई) को कम करने में बड़ी मददगार साबित होगी।

“इस 2 हफ़्ते के युद्धविराम ने बाज़ार के परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का खुलना ‘बुल्स’ (तेजड़ियों) को फिर से सक्रिय करेगा,” वी.के. विजयकुमार, मुख्य निवेश रणनीतिकार, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने कहा।

आरबीआई (RBI) का रुख: स्थिर ब्याज दरें

बाज़ार की तेजी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के फैसले से भी सहारा मिला। गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने ब्याज दरों (रेपो रेट) को 5.25% पर स्थिर रखने का सर्वसम्मत फैसला लिया।

  • जीडीपी अनुमान: वित्त वर्ष 2027 के लिए विकास दर 6.9% रहने का अनुमान लगाया गया है।

  • रुपये में मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे मजबूत होकर 92.56 पर आ गया।

हालांकि बाज़ार इस समय जश्न के मूड में है, लेकिन विशेषज्ञ आगाह कर रहे हैं कि यह युद्धविराम केवल 14 दिनों के लिए है। आगामी शुक्रवार को इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता की सफलता ही यह तय करेगी कि बाज़ार की यह तेजी स्थायी होगी या नहीं। फिलहाल, निवेशकों के लिए यह राहत की एक बड़ी सांस है।

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