Uttarakhand

1.5 मिलियन डॉलर की ‘वंतारा’ घड़ी: अनंत अंबानी की मूर्ति

जामनगर — दुनिया की मशहूर लग्जरी वॉचमेकर जैकब एंड कंपनी (Jacob & Co.) ने गुजरात के जामनगर स्थित ‘वंतारा’ (Vantara) वन्यजीव बचाव और संरक्षण केंद्र से प्रेरित एक नायाब घड़ी लॉन्च की है। इस घड़ी का नाम भी ‘वंतारा’ रखा गया है, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज के उत्तराधिकारी अनंत अंबानी के वन्यजीवों के प्रति जुनून और उनके नेतृत्व में चल रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को एक अनूठी श्रद्धांजलि है।

इस घड़ी की कीमत लगभग 1.5 मिलियन डॉलर (करीब 12.5 करोड़ रुपये) बताई जा रही है। यह न केवल बेशकीमती रत्नों से जड़ी है, बल्कि इसके डायल के बीचों-बीच अनंत अंबानी की एक सूक्ष्म आकृति (figurine) भी स्थापित की गई है, जो इसे दुनिया की सबसे अनोखी घड़ियों में से एक बनाती है।

डिजाइन और शिल्पकारी: घड़ी के भीतर एक दुनिया

‘वंतारा’ घड़ी केवल समय बताने वाला यंत्र नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग और कला का एक अद्भुत संगम है। इसके डायल के केंद्र में अनंत अंबानी की हाथ से पेंट की गई एक छोटी सी मूर्ति है, जिसे उनके सिग्नेचर ‘ब्लू फ्लोरल शर्ट’ में दिखाया गया है। यह आकृति प्रकृति के प्रति उनके संरक्षण और जिम्मेदारी के भाव को दर्शाती है।

डायल पर चार गतिशील तत्व (moving elements) दिए गए हैं, जिनमें एक गोला (orb), एक शेर और एक रॉयल बंगाल टाइगर शामिल हैं। ये तत्व वंतारा अभयारण्य की विशाल वन्यजीव विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं। घड़ी का बाहरी हिस्सा ‘ग्रीन कैमोफ्लेज’ (हरा छलावरण) डिजाइन में तैयार किया गया है, जो जंगलों की याद दिलाता है।

रत्नों का महासागर: 21 कैरेट से ज्यादा का वैभव

इस मिलियन-डॉलर घड़ी की चमक बढ़ाने के लिए इसमें कुल 397 कीमती रत्नों का उपयोग किया गया है, जिनका कुल वजन 21.98 कैरेट है। इसमें निम्नलिखित रत्नों का समावेश है:

  • डिमेंटॉइड गार्नेट्स: बिजली जैसी हरी चमक के लिए।

  • सावोरिट्स (Tsavorites): गहरे प्राकृतिक हरे रंग के लिए।

  • ग्रीन नीलम (Sapphires): विभिन्न शेड्स देने के लिए।

  • सफेद हीरे: प्रकाश और संरचना को निखारने के लिए।

वंतारा: एक विशाल संरक्षण पहल

इस घड़ी की प्रेरणा, ‘वंतारा’ (जिसका अर्थ है ‘वन का तारा’), गुजरात के जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के भीतर 3,500 एकड़ में फैला दुनिया का सबसे बड़ा पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र है। मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए इस केंद्र में 1.5 लाख से अधिक जानवरों का संरक्षण किया जा रहा है। यहाँ हाथियों के लिए विशेष अस्पताल, एमआरआई, सीटी स्कैन और हाइड्रोथेरेपी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

जैकब एंड कंपनी के संस्थापक जैकब अराबो (Jacob Arabo) ने एक बयान में कहा, “मेरा सपना हमेशा ऐसी चीजों का आविष्कार करना रहा है जो पहले कभी नहीं की गईं। वंतारा वॉच अनंत अंबानी के उस विजन के प्रति हमारा सम्मान है, जो दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में से एक है।”

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

जहाँ घड़ी के शौकीन इसकी जटिल मशीनरी और कलाकारी की तारीफ कर रहे हैं, वहीं इंटरनेट पर इसे लेकर काफी चर्चा और ‘ट्रॉलिंग’ भी हो रही है। इसकी अत्यधिक विस्तृत बनावट के कारण कुछ नेटिज़न्स ने मजाक में कहा, “इस घड़ी में मुझे सब कुछ दिख रहा है, बस समय नहीं दिख रहा।” कुछ लोगों ने इसे ‘अजीबोगरीब’ बताया, तो कुछ ने इसे एआई (AI) द्वारा बनाई गई तस्वीर समझ लिया। हालाँकि, ज्वेलरी और कला के दृष्टिकोण से इसे एक मास्टरपीस माना जा रहा है।

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