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अफगान में बदले हालात: बाजारों में अभी हिजाब व पगड़ी की कीमतें आसमान छू रहीं

काबुल,  दो दशक बाद अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी से यहां के लोगों में खौफ और दहशत है। काबुल में हिजाब व पगड़ियों की बिक्री काफी बढ़ गई है जिसके मद्देनजर इन दोनों ही सामानों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। काबुल में दुकानदारों का कहना है कि तालिबान के अफगानिस्तान लौटने से पगड़ी और हिजाब की कीमतों और बिक्री में दोनों में ही इजाफा हुआ है।

एक सप्ताह पहले ही तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता अपने हाथों में ली है। अफगान मीडिया के अनुसार अब तक तालिबान की ओर से हिजाब या पगड़ी को जरूरी करने जैसा कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है लेकिन कुछ लोग इसे पहले से ही परंपरागत तौर पर पहन रहे हैं। काबुल में हिजाब बेचने वाले एक दुकानदार फैज आगा ने बताया कि पिछले कुछ ही दिनों से हिजाब व पगड़ी की बिक्री काफी बढ़ी है।  दुकानदार ने पझवोक अफगान न्यूज को बताया, ‘हम पहले एक दिन में चार या पांच हिजाबों की बिक्री करते थे जो अभी 15-17 तक हो गई हैं। यह बदलाव तालिबान के वापस आने के बाद हुआ है।’

एक अन्य दुकानदार नियामातुल्ला ने भी हिजाब के महंगे होने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘पहले एक हिजाब की कीमत 1000 अफगानी थी जो अब 1200 अफगानी हो गई है। तालिबान  के आने से पहले एक दिन में 6-7 हिजाबें बिकती थीं जो अब मैं एक दिन में 20 से अधिक हिजाबों की बिक्री कर रहा हूं।’ वहीं काबुल में पगड़ी बेचने वाले एक दुकानदार अब्दुल मलिक ने बताया कि तालिबान की वापसी के साथ पगड़ी की बिक्री भी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि क्वालिटी के अनुसार एक पगड़ी की कीमत 300 से 3000 अफगानी करेंसी होती है। दुकानदार ने बताया, ‘तालिबान के आने से पहले एक दिन में मैं 6-7 पगड़ियां बेचता था और अब यह 30 के करीब बेच रहा हूं। ‘ काबुल सिटी के 11वें पुलिस डिस्ट्रिक्ट में रहने वाले ख्वाजा अब्दुल जब्बार ने बताया कि तालिबान की वापसी के साथ ही उन्होंने पगड़ी पहनना शुरू कर दिया है।

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