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अमेरिका के न्यू ऑर्लिन्स में ट्रक ने लोगों को रौंदा,15 लोगों की मौत

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को कहा कि जांच एजेंसियां न्यू आरलियंस में हुए टेरर अटैक और लासवेगस में हुए टेस्ला साइबरट्रक में विस्फोट के बीच लिंक तलाश रही हैं।

दोनों ही मामलों में इस्तेमाल हुई गाड़ी एक ही रेंटल साइट से किराए पर ली गई थी। यही वजह है कि एजेंसियों को शक है कि दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हो सकती हैं। बाइडन ने कहा, ‘हम लासवेगस में ट्रंप होटल के बाहर साइबरट्रक विस्फोट को ट्रैक कर रहे हैं।’

जांच जल्द पूरी करने का निर्देश

  • बाइडन ने आश्वासन दिया कि अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी टीम को संघ, राज्य और स्थानीय जांच एजेंसियों को हर संभव रिसोर्स उपलब्ध कराने को कहा है, जिससे न्यू आरलियंस की घटना की जांच जल्द से जल्द पूरी की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि अमेरिकी लोगों को और कोई खतरा नहीं है।’
  • आपको बता दें कि अमेरिका के न्यू आरलियंस में नये साल के सेलिब्रेशन के दौरान एक कार ने लोगों को रौंद दिया, जिसमें 15 लेोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के कुछ घंटों बाद ही लासवेगस में ट्र्ंप इंटरनेशनल होटल के बाहर टेस्ला साइबरट्रक में ब्लास्ट हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 7 घायल हैं।

एफबीआई कर रही जांच

न्यू आरलियंस की घटना पर बोलते हुए बाइडन ने कहा कि एफबीआई इसकी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि हमलावर शमसुद्दीन जब्बर अमेरिकी नागरिक था और वह यूएस आर्मी में भी रह चुका है। हमले से पहले उसने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर आईएसआईएस से प्रेरित होने की बात भी कही थी।

एफबीआई ने इस हमले को आतंकवादी घटना बताया है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने भी लास वेगास और न्यू आरलियंस की घटना के बीच संबंध होने का शक जताया था। उन्होंने यह स्पष्ट किया था कि साइबर ट्रक में विस्फोट गाड़ी की खामी की वजह से नहीं, बल्कि पटाखे या विस्फोटक की वजह से हुआ था।

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