Uttarakhand

अक्षय ओबेरॉय ने यश अभिनीत फिल्म को बताया अपने करियर का सबसे कठिन अनुभव

भारतीय सिनेमा के पैन-इंडिया जगत में ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ जैसी कुछ ही फिल्में हैं, जिनका दर्शकों को इतनी बेसब्री से इंतजार है। जैसे-जैसे यह फिल्म 2026 की रिलीज की ओर बढ़ रही है, अभिनेता अक्षय ओबेरॉय ने इस प्रोजेक्ट के बारे में खुलकर बात की है, जिसे वे अपने करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण पेशेवर अनुभव मानते हैं।

मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को आईएएनएस (IANS) के साथ एक विशेष बातचीत में ओबेरॉय ने उन कठिन तैयारियों का विवरण दिया, जो इस फिल्म के उच्च-स्तरीय एक्शन दृश्यों के लिए आवश्यक थीं। अक्षय ने कहा, ” ‘टॉक्सिक’ में एक्शन बिल्कुल अलग स्तर का है। मैंने अपनी पिछली फिल्मों में एक्शन किया है, लेकिन इस फिल्म में मुझसे जो उम्मीद की गई थी, वह वैसा कुछ भी नहीं था जो मैंने पहले कभी किया हो।”

आंदोलन का व्याकरण: हफ्तों की कड़ी तैयारी

अक्षय ओबेरॉय के लिए ‘टॉक्सिक’ की दुनिया में प्रवेश करना केवल मांसपेशियों बनाने के बारे में नहीं था। फिल्म का एक्शन अंतरराष्ट्रीय स्टंट विशेषज्ञ जे.जे. पेरी के नेतृत्व में तैयार किया गया है, जो ‘जॉन विक’ और ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ जैसी फ्रैंचाइजी के लिए प्रसिद्ध हैं।

तैयारी के लिए ओबेरॉय ने शूटिंग शुरू होने से पहले लगभग एक महीने तक गहन प्रशिक्षण लिया। उन्होंने बताया कि निर्देशक गीतू मोहनदास और एक्शन टीम का एक बहुत ही विशिष्ट विजन था।

अक्षय ने कहा, “कोरियोग्राफी, बारीकियां, शारीरिक अभ्यास—सब कुछ न केवल मांसपेशियों को बनाने के लिए बल्कि सहनशक्ति, समय और पूर्ण मानसिक-शारीरिक समन्वय बनाने के लिए डिजाइन किया गया था। ‘टॉक्सिक’ की दुनिया का अपना व्याकरण है और अपने नियम हैं। मैंने हफ्तों तक प्रशिक्षण लिया ताकि मैं उस विजन को पर्दे पर उतार सकूं।”

‘टॉक्सिक’ की वैश्विक महत्वाकांक्षा

गीतू मोहनदास द्वारा निर्देशित और लिखित इस फिल्म में कन्नड़ सुपरस्टार यश न केवल मुख्य भूमिका में हैं, बल्कि वे इसके सह-लेखक भी हैं। ‘टॉक्सिक’ भारतीय फिल्म निर्माण में एक बड़े बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है। निर्माताओं ने इसे एक साथ अंग्रेजी और कन्नड़ में शूट करने का निर्णय लिया है, ताकि इसे वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके।

1980 के दशक के गोवा की पृष्ठभूमि पर आधारित यह कहानी ‘राया’ (यश) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक हिंसक और निडर व्यक्ति है। फिल्म का शीर्षक ‘ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ (बड़ों के लिए एक परी कथा) पारंपरिक कहानियों का एक डार्क और स्टाइलिश रूपांतरण होने का संकेत देता है।

एक प्रभावशाली स्टार कास्ट

यश के अलावा, फिल्म में भारतीय सिनेमा के कई बड़े नाम शामिल हैं:

  • कियारा आडवाणी: कथित तौर पर मुख्य अभिनेत्री ‘नादिया’ की भूमिका में।

  • नयनतारा: एक शक्तिशाली भूमिका में, जो नायक की बहन का किरदार हो सकता है।

  • हुमा कुरैशी: ‘एलिजाबेथ’ नामक एक महत्वपूर्ण और नकारात्मक भूमिका में।

  • तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत: कहानी को आगे बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण किरदारों में।

फिल्म की तकनीकी टीम में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सिनेमैटोग्राफर राजीव रवि और संगीतकार रवि बसरूर शामिल हैं, जिन्होंने ‘के.जी.एफ’ (KGF) और ‘सालार’ जैसी फिल्मों में यादगार संगीत दिया है।

महारथियों की टक्कर: मार्च 2026 में रिलीज

यह फिल्म 19 मार्च 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जो ईद, उगादी और गुड़ी पड़वा के त्योहारों के साथ मेल खाती है। यह तारीख भारतीय बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी टक्कर की गवाह बनेगी, क्योंकि इसी दिन रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म का सीक्वल ‘धुरंधर 2’ भी रिलीज होने वाला है।

अक्षय ओबेरॉय के लिए यह अनुभव शारीरिक रूप से थका देने वाला लेकिन “रचनात्मक रूप से समृद्ध” रहा है। उन्होंने इस फिल्म को अपने करियर की सबसे रोमांचक फिल्मों में से एक करार दिया है।

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